Original Poem
मैं प्रेम में पागल हूँ और कोई मेरी पीड़ा नहीं समझता। केवल घायल ही घायल की पीड़ा समझ सकते हैं, जब हृदय में आग भड़कती है। गहने का मूल्य केवल जौहरी ही जानता है, उसे बेचने वाला नहीं। दर्द में मैं घर-घर भटकती हूँ, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिलता। मीरा कहती है: सुनो मेरे स्वामी, श्याम के डॉक्टर बनकर आने पर मीरा का दर्द कम हो जाएगा
Translation (Hindi)
मैं प्यार में पागल हूँ
और कोई मेरी तकलीफ नहीं समझता।
सिर्फ वही जो चोट खाया है
चोट की तकलीफ समझ सकता है,
जब दिल में आग जलती है।
गहनों की असली कीमत सिर्फ गहनों का जानकार ही जानता है,
उसे बेचने वाला नहीं।
दर्द में मैं घर-घर भटकती हूँ,
लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिलता।
मीरा कहती है: सुनो मेरे भगवान, जब श्याम डॉक्टर बनकर आएंगे
मीरा का दर्द कम हो जाएगा
About the Poet
Meerabai (Bhakti Movement)
मीरा बाई एक प्रसिद्ध भक्ति कवयित्री थीं, जो भगवान कृष्ण की भक्त थीं। उनका जन्म राजस्थान के एक राजघराने में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन को कृष्ण भक्ति में समर्पित कर दिया और उनकी कविताएँ प्रेम और भक्ति से ओतप्रोत हैं।
Historical Context
- Literary Form
- Bhakti poetry
- When Written
- 16th century
- Background
- मीरा बाई की कविताएँ उनके भगवान कृष्ण के प्रति गहरे प्रेम और भक्ति को दर्शाती हैं। यह कविता उनके व्यक्तिगत अनुभवों और आध्यात्मिक यात्रा का प्रतिबिंब है।
Detailed Explanation
यह कविता मीरा बाई की है, जो भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त थीं। इस कविता में मीरा अपने प्रेम और पीड़ा को व्यक्त कर रही हैं। वह कहती हैं कि वह प्रेम में पागल हो गई हैं और उनकी पीड़ा को कोई नहीं समझता। केवल वही व्यक्ति जो स्वयं घायल है, दूसरे की पीड़ा को समझ सकता है। जैसे गहने की असली कीमत केवल जौहरी ही जानता है, वैसे ही मीरा की पीड़ा को भी कोई नहीं समझ सकता। वह अपने दर्द में इधर-उधर भटक रही हैं, लेकिन उन्हें कोई डॉक्टर नहीं मिलता। अंत में, मीरा भगवान कृष्ण से प्रार्थना करती हैं कि जब वह श्याम के रूप में डॉक्टर बनकर आएंगे, तो उनका दर्द कम हो जाएगा। यह कविता मीरा की गहरी भक्ति और उनके भगवान के प्रति अटूट प्रेम को दर्शाती है।
Themes
Literary Devices
Word Dictionary
| Word | Meaning | Translation | Transliteration |
|---|---|---|---|
| पीड़ा | दर्द | तकलीफ या कष्ट जो किसी को महसूस होता है | peedaa |
| घायल | चोटिल | वह व्यक्ति जो चोट खाया हो | ghaayal |
| जौहरी | गहनों का जानकार | वह व्यक्ति जो गहनों की असली कीमत जानता है | jauhari |
| भटकती | घूमती | इधर-उधर फिरना | bhatakti |
| स्वामी | मालिक या भगवान | वह जिसे पूजा जाता है | swaami |
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