Original Poem
हम अगर यहाँ न होते आत तो कहाँ होते, ताप्ती? होते कहीं किसी नदी-पार के गाँव के किसी पुराने कुएँ में डूबे होते किसी बहुत पुराने पीतल के लोटे की तरह जिस पर कभी-कभी धूप भी आती और हमारे ऊपर किसी का भी नाम लिखा होता। या फिर होते हम कहीं भी किसी भी तरह से साथ-साथ रह लेते। दो ढेलों की तरह हर बारिश में घुलते हर दोपहर गरमाते। हम रात में भी होते तो हमारी साँसें फिर भी चलतीं, ताप्ती, और अँधरे में हम उनका चलना देखते, ताज्जुब से। क्या हम कभी-कभी किसी और तरह से होने के लिए रोते, ताप्ती?
Translation (Hindi)
About the Poet
उदय प्रकाश (Contemporary)
उदय प्रकाश एक प्रसिद्ध हिंदी कवि और लेखक हैं। वे अपनी गहन और संवेदनशील कविताओं के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाएँ आधुनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को छूती हैं।
Historical Context
- Literary Form
- कविता
- When Written
- Contemporary period
- Background
- यह कविता जीवन की संभावनाओं और विभिन्न परिस्थितियों में अस्तित्व के विचारों पर आधारित है। यह जीवन के विभिन्न रूपों और स्थितियों में खुद को देखने की कल्पना करती है।
Sources: https://www.hindwi.org/kavita/ek-shahr-ko-chhodte-hue-aath-kawitayen-uday-prakash-kavita, https://kavitakosh.org/kk/%E0%A4%8F%E0%A4%95_%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0_%E0%A4%95%E0%A5%8B_%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A5%87_%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-1_/_%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B6
Detailed Explanation
Themes
Literary Devices
Word Dictionary
| Word | Meaning | Translation | Transliteration |
|---|---|---|---|
| ताप्ती | नदी का नाम | भारत की एक प्रमुख नदी | taapti |
| कुएँ | जल का स्रोत | पानी निकालने की जगह | kuein |
| पीतल | धातु | पीली धातु | peetal |
| लोटे | पानी का बर्तन | पानी रखने का पात्र | lote |
| ढेलों | पत्थर | छोटे पत्थर के टुकड़े | dhelon |
| ताज्जुब | हैरानी | अचरज | taajjub |
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