Original Poem
वो एक दिन जब आप मिले— जब फिर से भगवान पर विश्वास होने लगा। वो आया जैसे हर जगह के गुलाब मेरी ओर चले आ रहे हों। वो दिन जब सारे जहाँ की तितलियाँ तुम्हारा नाम पुकार रही हों। वो पल जब हर रात का चाँद कुछ ज़्यादा ही नूर से चमकने लगे। क्या ऐसा सच में होगा? वो एक दिन— जब मुझे आप मिलें, और हर मन्नत, हर दुआ जैसे मुकम्मल हो जाए। बस वो एक दिन।
Translation (Hindi)
वो एक दिन
जब आप मिले—
जब फिर से
भगवान पर
भरोसा होने लगा।
वो आया
जैसे हर जगह के गुलाब
मेरी ओर आ रहे हों।
वो दिन
जब सारी दुनिया की तितलियाँ
तुम्हारा नाम
पुकार रही हों।
वो पल
जब हर रात का चाँद
कुछ ज़्यादा ही
चमकने लगे।
क्या ऐसा
सच में होगा?
वो एक दिन—
जब मुझे
आप मिलें,
और हर इच्छा,
हर दुआ
जैसे पूरी
हो जाए।
बस
वो एक दिन।
About the Poet
Unknown (Contemporary)
इस कविता के लेखक का नाम ज्ञात नहीं है। यह कविता आधुनिक समय की प्रतीत होती है, जिसमें प्रेम और विश्वास का वर्णन है।
Historical Context
- Literary Form
- Free Verse
- When Written
- Unknown
- Background
- यह कविता प्रेम और विश्वास के पुनः जागरण की भावना को व्यक्त करती है। इसमें प्रेमी के मिलने पर जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों की कल्पना की गई है।
Sources: https://www.suvichar.co.in/dharm-sanskruiti/bagwan-par-suvichar, https://www.delhipoetryslam.com/blogs/wingword-2025/ks-vijay-raghavan
Detailed Explanation
यह कविता एक प्रेमपूर्ण और भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें कवि उस विशेष दिन की कल्पना करता है जब वह अपने प्रिय से मिलता है। यह दिन उसके लिए इतना महत्वपूर्ण है कि उसे भगवान पर फिर से विश्वास होने लगता है। कवि इसे एक दिव्य अनुभव के रूप में देखता है, जैसे हर जगह के गुलाब उसकी ओर बढ़ रहे हों और सारी दुनिया की तितलियाँ उसके प्रिय का नाम पुकार रही हों। यह एक ऐसा पल है जब चाँद भी अधिक चमकदार हो जाता है। कवि आश्चर्य करता है कि क्या ऐसा सच में होगा। यह कविता प्रेम की गहराई और उसकी पूर्णता की इच्छा को दर्शाती है।
Themes
Literary Devices
Word Dictionary
| Word | Meaning | Translation | Transliteration |
|---|---|---|---|
| विश्वास | भरोसा | किसी पर यकीन करना | vishvaas |
| मन्नत | इच्छा | कोई विशेष इच्छा या प्रार्थना | mannat |
| मुकम्मल | पूर्ण | पूरी तरह से पूरा होना | mukammal |
| नूर | रोशनी | प्रकाश या चमक | noor |
| तितलियाँ | रंगीन कीट | रंग-बिरंगे पंखों वाला कीट | titliyaan |
| गुलाब | फूल | एक प्रकार का फूल जो सुगंधित होता है | gulaab |
| भगवान | ईश्वर | सर्वशक्तिमान शक्ति | bhagwaan |
| दुआ | प्रार्थना | ईश्वर से कुछ मांगना | dua |
Want to analyze your own poem?
Paste any poem in 180+ languages and get an instant AI-powered analysis with translation, explanation, poet biography, and literary devices.
Try Poetry Explainer — Free